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दिल्ली विधानसभा विवाद: नहीं थम रही तकरार, सिख गुरुओं के कथित अपमान को लेकर एक-दूसरे पर लगातार सियासी वार
सनी सिंह, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 18 Jan 2026 04:02 AM IST
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दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी (आप) की नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना पर तीखा हमला बोला।
दिल्ली विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
दिल्ली विधानसभा में सिख गुरुओं से जुड़े कथित अपमान के विवाद ने नया रूप ले लिया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी (आप) की नेता प्रतिपक्ष आतिशी मार्लेना पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विधानसभा की मूल रिकॉर्डिंग पर आधारित फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट को पूरी तरह वैधानिक बताते हुए कहा कि यह रिपोर्ट आतिशी द्वारा किए गए अपराध को साबित करती है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में वीडियो को मूल और बिना छेड़छाड़ वाला पाया गया है जबकि पंजाब पुलिस की रिपोर्ट अलग दावा करती है।
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सचदेवा ने आप नेता सौरभ भारद्वाज के बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने भाजपा पर हिंदू-सिख दंगा भड़काने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे खतरनाक और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली साजिश करार दिया। सचदेवा ने कहा आप पंजाब में अपनी खोती जमीन बचाने के लिए दंगा करवा सकती है। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीजी) के अमृतसर में पारित प्रस्ताव का जिक्र करते हुए बताया कि सिख समाज में आतिशी के खिलाफ रोष है और देशभर में नाराजगी फैली हुई है। एसजीपीजी ने आतिशी के बयान की निंदा कर कार्रवाई की घोषणा की है।
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भाजपा ने आतिशी पर संवैधानिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की साथ ही यह भी कहा कि उन्हें सदन से निलंबित किया जाए। सचदेवा ने सवाल उठाया कि अरविंद केजरीवाल ने आतिशी को कहीं छुपा रखा है। अगर आतिशी सामने आकर माफी मांगती तो विवाद खत्म हो सकता था। बताते चलें कि 6 जनवरी को विधानसभा में गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान आतिशी ने अभद्र टिप्पणी की, जिससे सदन में हंगामा हुआ। बताते चलें विवाद 6 जनवरी से चला आ रहा है, जब सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में आतिशी पर गुरुओं के अपमान का आरोप लगा। भाजपा विधायक कपिल मिश्रा ने इसे शेयर किया। वहीं आप ने इसे फर्जी और एडिटेड बताया। पंजाब पुलिस ने जालंधर में एफआईआर दर्ज की और फॉरेंसिक रिपोर्ट में गुरु शब्द न होने का दावा किया, लेकिन दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट में वीडियो को असली बताया। विधानसभा ने आतिशी को 19 जनवरी तक लिखित जवाब मांगा है।
गुरु तेग बहादुर पर टिप्पणी के मामले में एफएसएल रिपोर्ट से सच आया सामने : सिरसा
दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि गुरु तेग बहादुर के सम्मान पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट से सच्चाई पूरी तरह सामने आ गई है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर आरोप लगाते कहा कि उन्हें सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए। सिरसा ने बताया कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान गुरु तेग बहादुर के सम्मान में चल रही चर्चा के समय बोले गए शब्दों को लेकर दिल्ली फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित वीडियो और ऑडियो पूरी तरह असली हैं। उनमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी अब तक सामने नहीं आईं, क्योंकि उनके पास अपने बयान का कोई जवाब नहीं है। साथ ही, उन्होंने पंजाब पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए। मंत्री ने अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आतिशी से सिख समाज और देश से सार्वजनिक माफी की मांग की।
दिल्ली विधानसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई : विजेंद्र गुप्ता
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि सदन की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं हुई है। एफएसएल ने वीडियो का फ्रेम-टू-फ्रेम विश्लेषण किया, जिसमें रिकॉर्डिंग और शब्दशः कार्यवाही पूरी तरह एक-दूसरे से मेल खाती पाई गई। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने के संकेत दिए।ध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी को सदन में अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब भी उनके पास आपत्तिजनक बयान वापस लेने और सदन से माफी मांगने अवसर है।
फॉरेंसिक से भी ऊपर सीबीआई है तो जांच करा लें: भगवंत मान
सिख गुरुओं की बेअदबी से जुड़े कथित मामले में भाजपा द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर आम आदमी पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब फॉरेंसिक रिपोर्ट और अदालत की टिप्पणी स्पष्ट कर चुकी है कि दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने ऐसा कोई शब्द नहीं कहा तो अब भाजपा सीबीआई का नाम लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर भाजपा के लिए सीबीआई फॉरेंसिक लैब से भी ऊपर है तो वह सीबीआई जांच भी करा ले।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा ने वीडियो के साथ सबटाइटल जोड़कर सिख गुरुओं का अपमान किया और फिर उसी झूठ को सच साबित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो चुका है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर गलत संदर्भ गढ़ा गया। इसके बावजूद भाजपा नेताओं का सीबीआई जांच की मांग करना, सच्चाई से ध्यान भटकाने का प्रयास है। वहीं बुराड़ी विधायक संजीव झा ने कहा कि भाजपा एक झूठ के सहारे देश में सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता, खासकर कपिल मिश्रा ने एक झूठा ट्रांसक्रिप्ट बनाकर वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाया।
जांच में साबित हुआ आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द नहीं बोला : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने दिल्ली विधानसभा से जुड़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जांच में साफ साबित हो गया है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। झूठा वीडियो साझा करने के लिए भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा पर कार्रवाई होनी चाहिए। संजय सिंह ने शनिवार को कहा कि इस मामले में दो फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। एक पंजाब की और दूसरी भाजपा की ओर से जारी की गई। दोनों रिपोर्टों में स्पष्ट है कि आतिशी ने ‘गुरु’ शब्द का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर दुष्प्रचार और नफरत फैलाने के उद्देश्य से कपिल मिश्रा द्वारा झूठा वीडियो डाला गया। संजय सिंह ने कहा कि कपिल मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।