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Anuppur News: 24 महीने का काम सात वर्ष बाद भी अधूरा, दो विभागों खींचतान के बीच अटका ओवरब्रिज निर्माण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
Published by: अनूपपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 01:26 PM IST
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सार
2016 में स्वीकृत और 2017 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की लागत 21 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दी गई, लेकिन तय समय 24 महीने की बजाय 84 महीने बीत जाने के बाद भी मात्र 40% काम पूरा हो पाया है।
ओवर ब्रिज का अधूरा पड़ा निर्माण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अनूपपुर जिला मुख्यालय में ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य बीते 8 वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक इसका कार्य अधूरा है। लगातार दो विभागों के बीच जारी खींचतान के कारण काफी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बावजूद कार्य की रफ्तार में कोई सुधार नहीं होने से नगरवासी पूरी तरह से मायूस हैं। नगर के विकास को रफ्तार देने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का यह कार्य किया जा रहा था, लेकिन आज तक यह कार्य अधूरा ही है, जिसकी वजह से अनूपपुर नगर दो हिस्सों में विभाजित हो गया है। एक हिस्से पर जिला चिकित्सालय, न्यायालय भवन तथा स्कूल और कॉलेज है तो दूसरे हिस्से पर कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय तथा मुख्य बाजार है।
यह है फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कि अब तक की स्थिति
फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य वर्ष 2016 में स्वीकृत किया गया जो कि वर्ष 2017 से इसका कार्य शुरू है, जिसकी शुरुआती लागत 21 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। बाद में इस बढ़ाते हुए 30 करोड़ रुपये की लागत से इसका कार्य किया जा रहा है। फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण के लिए 24 महीने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक 84 महीने पूर्ण हो जाने के बावजूद इसका कार्य 40 प्रतिशत ही हो पाया है। निर्माण की जिम्मेदारी श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है। इसके साथ ही रेलवे के हिस्से पर स्थित ब्रिज निर्माण के लिए एन ए कंस्ट्रक्शन दिल्ली को इसका कार्य दिया गया है। 504 मीटर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य इसके अंतर्गत किया जाना है, जिसमें रेलवे लाइन पर 54 मी का कार्य रेलवे ठेकेदार कर रहे हैं।
इसके बाद प्रारंभ हुए दो रेलवे ओवरब्रिज का कार्य पूरा हो गया लेकिन यह आज भी अधूरा
अनूपपुर में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य सबसे पहले प्रारंभ किया गया था जो कि आज भी अधूरा है, जबकि इसके बाद बिजुरी नगर में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया और वह पूरा भी कर लिया गया। बिजली के ही कपिलधारा में भी फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य दो वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था, उसे भी पूर्ण कर लिया गया, लेकिन अनूपपुर में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य लगातार विवादित होने से यह अटका हुआ है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में काफी देरी हुई कुछ लोग न्यायालय भी पहुंच गए और इस वजह से और अतिरिक्त समय इसके कार्य में लग गया।
यह भी पढ़ें- जांच रिपोर्ट में खुलासा, 'कोल्ड्रिफ सिरप' से हुई मासूमों की मौत, मध्य प्रदेश में बिक्री पर बैन
अक्तूबर में पूरा होना था कार्य, लेकिन अब तीन और महीने का लग सकता है समय
जिला मुख्यालय में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य अक्तूबर महीने में पूर्ण करने का आश्वासन ओवर ब्रिज निर्माण संघर्ष समिति के सदस्यों को दिया गया था। इसके बावजूद रेलवे पोर्शन पर चल रहे कार्य में हो रही लगातार देरी के कारण तीन महीने का समय और कार्य पूर्ण होने में लग सकता है। सेतु विकास निगम के एसडीओ प्रदीप सिंह बघेल ने बताया कि सेतु निर्माण विभाग को तीन स्लैब का निर्माण करना है जोकि रेलवे के हिस्से पर कार्य पूर्ण होने के बाद ही हो पाएगा और कोतवाली तथा जिला चिकित्सालय दोनों ही पोर्शन पर निर्माण कार्य भी इसी की वजह से अटका हुआ है। जिस विभाग 3 महीने में पूरा करने की बात कह रहा है। स्लैब निर्माण के साथ ही यहां रिटेनिंग वॉल तथा स्पान निर्माण सेतु निगम विभाग को करना है। रेलवे के हिस्से पर चल रहे कार्य को लेकर के सहायक अभियंता आईओडब्ल्यू अरविंद कुमार ने बताया कि 2 महीने में वह रेलवे के हिस्से पर स्थित कार्य को पूर्ण कर लेंगे। वर्तमान में गार्डर लॉन्चिंग का कार्य बाकी है। वर्तमान में गार्डर लॉन्चिंग के प्री वर्क का कार्य किया जा रहा है। गार्डर लॉन्चिंग होते ही ब्रिज कास्टिंग का कार्य किया जाएगा 2023 सितंबर से उन्होंने निर्माण कार्य रेलवे के हिस्से पर प्रारंभ होने की बात कही। इसके साथ ही बताया कि सेतु निगम विकास के कोतवाली तरफ के हिस्से का कार्य जरूर रेलवे की वजह से नहीं हो पा रहा है लेकिन जिला चिकित्सालय के हिस्से पर वह अपना कार्य कर सकते हैं बावजूद इसके वह इस हिस्से पर कार्य नहीं कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने कहा ठप हो गया व्यापार और आम रोजमर्रा के कार्य
स्थानीय नागरिकों ने जिला मुख्यालय में बीते कई वर्षों से जारी निर्माण कार्य की वजह से आम रोजमर्रा के कार्य तथा व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाने की बात बतलाई। फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण स्थल के समीप होटल का संचालन करने वाले शुभ शर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य की वजह से व्यापार पूरी तरह से यहां पर ठप हो गया है। पहले जहां सैकड़ों ग्राहक रहते थे, वहीं अब जिला चिकित्सालय आने वाले ग्राहक ही यहां पर सीमित है।
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यह है फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कि अब तक की स्थिति
फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य वर्ष 2016 में स्वीकृत किया गया जो कि वर्ष 2017 से इसका कार्य शुरू है, जिसकी शुरुआती लागत 21 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी। बाद में इस बढ़ाते हुए 30 करोड़ रुपये की लागत से इसका कार्य किया जा रहा है। फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण के लिए 24 महीने का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक 84 महीने पूर्ण हो जाने के बावजूद इसका कार्य 40 प्रतिशत ही हो पाया है। निर्माण की जिम्मेदारी श्रीराम कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है। इसके साथ ही रेलवे के हिस्से पर स्थित ब्रिज निर्माण के लिए एन ए कंस्ट्रक्शन दिल्ली को इसका कार्य दिया गया है। 504 मीटर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य इसके अंतर्गत किया जाना है, जिसमें रेलवे लाइन पर 54 मी का कार्य रेलवे ठेकेदार कर रहे हैं।
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इसके बाद प्रारंभ हुए दो रेलवे ओवरब्रिज का कार्य पूरा हो गया लेकिन यह आज भी अधूरा
अनूपपुर में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य सबसे पहले प्रारंभ किया गया था जो कि आज भी अधूरा है, जबकि इसके बाद बिजुरी नगर में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया और वह पूरा भी कर लिया गया। बिजली के ही कपिलधारा में भी फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य दो वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था, उसे भी पूर्ण कर लिया गया, लेकिन अनूपपुर में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य लगातार विवादित होने से यह अटका हुआ है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में काफी देरी हुई कुछ लोग न्यायालय भी पहुंच गए और इस वजह से और अतिरिक्त समय इसके कार्य में लग गया।
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अक्तूबर में पूरा होना था कार्य, लेकिन अब तीन और महीने का लग सकता है समय
जिला मुख्यालय में फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का कार्य अक्तूबर महीने में पूर्ण करने का आश्वासन ओवर ब्रिज निर्माण संघर्ष समिति के सदस्यों को दिया गया था। इसके बावजूद रेलवे पोर्शन पर चल रहे कार्य में हो रही लगातार देरी के कारण तीन महीने का समय और कार्य पूर्ण होने में लग सकता है। सेतु विकास निगम के एसडीओ प्रदीप सिंह बघेल ने बताया कि सेतु निर्माण विभाग को तीन स्लैब का निर्माण करना है जोकि रेलवे के हिस्से पर कार्य पूर्ण होने के बाद ही हो पाएगा और कोतवाली तथा जिला चिकित्सालय दोनों ही पोर्शन पर निर्माण कार्य भी इसी की वजह से अटका हुआ है। जिस विभाग 3 महीने में पूरा करने की बात कह रहा है। स्लैब निर्माण के साथ ही यहां रिटेनिंग वॉल तथा स्पान निर्माण सेतु निगम विभाग को करना है। रेलवे के हिस्से पर चल रहे कार्य को लेकर के सहायक अभियंता आईओडब्ल्यू अरविंद कुमार ने बताया कि 2 महीने में वह रेलवे के हिस्से पर स्थित कार्य को पूर्ण कर लेंगे। वर्तमान में गार्डर लॉन्चिंग का कार्य बाकी है। वर्तमान में गार्डर लॉन्चिंग के प्री वर्क का कार्य किया जा रहा है। गार्डर लॉन्चिंग होते ही ब्रिज कास्टिंग का कार्य किया जाएगा 2023 सितंबर से उन्होंने निर्माण कार्य रेलवे के हिस्से पर प्रारंभ होने की बात कही। इसके साथ ही बताया कि सेतु निगम विकास के कोतवाली तरफ के हिस्से का कार्य जरूर रेलवे की वजह से नहीं हो पा रहा है लेकिन जिला चिकित्सालय के हिस्से पर वह अपना कार्य कर सकते हैं बावजूद इसके वह इस हिस्से पर कार्य नहीं कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने कहा ठप हो गया व्यापार और आम रोजमर्रा के कार्य
स्थानीय नागरिकों ने जिला मुख्यालय में बीते कई वर्षों से जारी निर्माण कार्य की वजह से आम रोजमर्रा के कार्य तथा व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाने की बात बतलाई। फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण स्थल के समीप होटल का संचालन करने वाले शुभ शर्मा ने बताया कि निर्माण कार्य की वजह से व्यापार पूरी तरह से यहां पर ठप हो गया है। पहले जहां सैकड़ों ग्राहक रहते थे, वहीं अब जिला चिकित्सालय आने वाले ग्राहक ही यहां पर सीमित है।

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