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Iran-Israel: ईरान-इस्राइल युद्ध के बीच X पर उछाल, मस्क के प्लेटफॉर्म ने तोड़े ट्रैफिक के पुराने रिकॉर्ड
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Mon, 02 Mar 2026 07:12 AM IST
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सार
Elon Musk on X traffic: मिडिल ईस्ट में भड़के भीषण तनाव (ईरान-इजरायल-अमेरिका) के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने इंटरनेट एंगेजमेंट के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। एलन मस्क ने आधिकारिक तौर पर इसे प्लेटफॉर्म के इतिहास का सबसे बड़ा यूसेज पीक बताया है।
Elon Musk x
- फोटो : AI
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विस्तार
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभूतपूर्व ट्रैफिक दर्ज किया गया। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने दावा किया कि हालिया घटनाओं के दौरान प्लेटफॉर्म के इतिहास का सबसे ज्यादा उपयोग हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युद्ध जैसे हालात में रियल-टाइम अपडेट की मांग तेजी से बढ़ती है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एंगेजमेंट उछाल मारता है। इससे पहले जुलाई 2024 में एक्स ने 417 अरब ग्लोबल यूजर-सेकंड का आंकड़ा छुआ था, जो उस समय का उच्चतम स्तर था। अब दावा किया जा रहा है कि मौजूदा ट्रैफिक ने उस रिकॉर्ड को भी पार कर लिया है।
क्यों बढ़ी अचानक इतनी गतिविधि?
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले और उसके बाद क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं ने वैश्विक स्तर पर जिज्ञासा और चिंता बढ़ा दी। ईरान के सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खामेनेई से जुड़ी खबरों ने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हलचल तेज कर दी। लोगों ने रियल-टाइम अपडेट, वीडियो क्लिप, विश्लेषण, आधिकारिक बयान और यहां तक कि मीम्स के लिए एक्स का सहारा लिया। संकट की स्थिति में पारंपरिक मीडिया से पहले सोशल मीडिया पर सूचनाएं तेजी से प्रसारित होती हैं, जिससे एंगेजमेंट अचानक कई गुना बढ़ जाता है।
डिजिटल एनालिटिक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि युद्ध, प्राकृतिक आपदा या बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान यूजर-सेकंड मीट्रिक तेजी से बढ़ता है क्योंकि लोग लगातार प्लेटफॉर्म पर बने रहते हैं।
मिडिल ईस्ट में जमीनी हालात
क्षेत्र में तनाव गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार हमलों में कम से कम सैकड़ों लोगों की मौत और घायल होने की सूचना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी व इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई देशों ने अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
संकट के समय सोशल मीडिया क्यों बनता है प्राथमिक स्रोत?
संकट के समय सोशज मीडिया पर तेजी से ट्राफिक बढ़ता हैं, क्योंकि यहां रियल टाइम अपडेट मिलती है, यानी मिनट-दर-मिनट जानकारी। साथ जमीनी स्थिति का पता चलता है, मतलब कि प्रत्यक्ष वीडियो और फोटो।
सरकारी बयानों की त्वरित उपलब्धता
इससे वैश्विक प्रतिक्रियाएं एक ही मंच पर होती है। एक्स जैसे प्लेटफॉर्म माइक्रोब्लॉगिंग मॉडल पर आधारित हैं, जहां जानकारी तेजी से वायरल होती है। यही कारण है कि वैश्विक संकट के दौरान ट्रैफिक रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक घटनाएं बढ़ेंगी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम एंगेजमेंट और भी अधिक होगा। एआई आधारित एल्गोरिद्म और लाइव-स्ट्रीमिंग फीचर्स इस ट्रेंड को और गति दे सकते हैं।
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— Elon Musk (@elonmusk) March 1, 2026
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क्यों बढ़ी अचानक इतनी गतिविधि?
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले और उसके बाद क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं ने वैश्विक स्तर पर जिज्ञासा और चिंता बढ़ा दी। ईरान के सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खामेनेई से जुड़ी खबरों ने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हलचल तेज कर दी। लोगों ने रियल-टाइम अपडेट, वीडियो क्लिप, विश्लेषण, आधिकारिक बयान और यहां तक कि मीम्स के लिए एक्स का सहारा लिया। संकट की स्थिति में पारंपरिक मीडिया से पहले सोशल मीडिया पर सूचनाएं तेजी से प्रसारित होती हैं, जिससे एंगेजमेंट अचानक कई गुना बढ़ जाता है।
डिजिटल एनालिटिक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि युद्ध, प्राकृतिक आपदा या बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान यूजर-सेकंड मीट्रिक तेजी से बढ़ता है क्योंकि लोग लगातार प्लेटफॉर्म पर बने रहते हैं।
मिडिल ईस्ट में जमीनी हालात
क्षेत्र में तनाव गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार हमलों में कम से कम सैकड़ों लोगों की मौत और घायल होने की सूचना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी व इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई देशों ने अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
संकट के समय सोशल मीडिया क्यों बनता है प्राथमिक स्रोत?
संकट के समय सोशज मीडिया पर तेजी से ट्राफिक बढ़ता हैं, क्योंकि यहां रियल टाइम अपडेट मिलती है, यानी मिनट-दर-मिनट जानकारी। साथ जमीनी स्थिति का पता चलता है, मतलब कि प्रत्यक्ष वीडियो और फोटो।
सरकारी बयानों की त्वरित उपलब्धता
इससे वैश्विक प्रतिक्रियाएं एक ही मंच पर होती है। एक्स जैसे प्लेटफॉर्म माइक्रोब्लॉगिंग मॉडल पर आधारित हैं, जहां जानकारी तेजी से वायरल होती है। यही कारण है कि वैश्विक संकट के दौरान ट्रैफिक रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच जाता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक घटनाएं बढ़ेंगी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रियल-टाइम एंगेजमेंट और भी अधिक होगा। एआई आधारित एल्गोरिद्म और लाइव-स्ट्रीमिंग फीचर्स इस ट्रेंड को और गति दे सकते हैं।