{"_id":"69f7829991e7d8f066045b68","slug":"a-10-year-old-boy-fabricated-a-kidnapping-story-keeping-police-on-alert-for-hours-meerut-news-c-72-1-mct1011-152760-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: 10 साल के बच्चे ने रची अपहरण की झूठी कहानी, पुलिस घंटों रही अलर्ट पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: 10 साल के बच्चे ने रची अपहरण की झूठी कहानी, पुलिस घंटों रही अलर्ट पर
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos
बच्चों की तलाश में कई थानों का पुलिस बल सड़क पर रहा मौजूद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक 10 वर्षीय बच्चे द्वारा अपहरण की झूठी कहानी रचने का मामला सामने आया है। बच्चे की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। हालांकि जांच में अपहरण जैसी कोई घटना सामने नहीं आई, जिसके बाद मामला झूठा निकला। सोमवार को पुलिस बच्चे वह उसके परिजनों से मामले को लेकर जानकारी हासिल करेगी।
गढ़ रोड स्थित राजनगर निवासी नरेंद्र निर्मल का 10 वर्षीय बेटा शनिवार रात अचानक घर से निकल गया। नरेंद्र मजदूरी करते हैं और मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह पिछले करीब 15 वर्षों से यहां नरेश नामक ठेकेदार के मकान में किराए पर रह रहे हैं। बच्चा रात तक वापस नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों आसपास के क्षेत्र में बच्चों की तलाश शुरू की थी। रात लगभग 10 बजे बच्चे ने सराय काजी के पास राधे कुमार को अपने अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद राधे कुमार ने डायल 112 पर फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में अफरा-तफरी मच गई। मेडिकल थाना सहित आसपास के कई थानों की पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और बताए गए स्थान पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित तलाश लिया। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लेकिन किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अपहरण जैसी घटना सामने नहीं आई। फुटेज में बच्चा सामान्य रूप से घूमता नजर आया। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चे के बयान भी उलझे हुए मिले, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। बाद में स्पष्ट हुआ कि बच्चे ने खुद ही अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस बच्चे और उसके परिजनों से विस्तार से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। बच्चे पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव या पारिवारिक कारण तो नहीं है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि सोमवार को बच्चे के परिजनों से जानकारी हासिल की जाएगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक 10 वर्षीय बच्चे द्वारा अपहरण की झूठी कहानी रचने का मामला सामने आया है। बच्चे की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। हालांकि जांच में अपहरण जैसी कोई घटना सामने नहीं आई, जिसके बाद मामला झूठा निकला। सोमवार को पुलिस बच्चे वह उसके परिजनों से मामले को लेकर जानकारी हासिल करेगी।
गढ़ रोड स्थित राजनगर निवासी नरेंद्र निर्मल का 10 वर्षीय बेटा शनिवार रात अचानक घर से निकल गया। नरेंद्र मजदूरी करते हैं और मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वह पिछले करीब 15 वर्षों से यहां नरेश नामक ठेकेदार के मकान में किराए पर रह रहे हैं। बच्चा रात तक वापस नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों आसपास के क्षेत्र में बच्चों की तलाश शुरू की थी। रात लगभग 10 बजे बच्चे ने सराय काजी के पास राधे कुमार को अपने अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद राधे कुमार ने डायल 112 पर फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में अफरा-तफरी मच गई। मेडिकल थाना सहित आसपास के कई थानों की पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और बताए गए स्थान पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित तलाश लिया। इसके बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लेकिन किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या अपहरण जैसी घटना सामने नहीं आई। फुटेज में बच्चा सामान्य रूप से घूमता नजर आया। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चे के बयान भी उलझे हुए मिले, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। बाद में स्पष्ट हुआ कि बच्चे ने खुद ही अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस बच्चे और उसके परिजनों से विस्तार से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। बच्चे पर किसी प्रकार का मानसिक दबाव या पारिवारिक कारण तो नहीं है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि सोमवार को बच्चे के परिजनों से जानकारी हासिल की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
