अनूपपुर जिले की कोतमा पुलिस ने चार साल पुराने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार अजय त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। यह मामला वर्ष 2021 का है, जब पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया था।
थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ला ने बताया कि 17 मार्च 2021 को केवई पथरौड़ी के पास एक क्षतिग्रस्त अर्टिगा कार (क्रमांक CG 04 U 5214) से 111 पैकेटों में कुल 219.5 किलो गांजा बरामद किया गया था। इस कार्रवाई के बाद कोतमा पुलिस ने मामले को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान अर्टिगा कार का चालक सोनू उर्फ हेमराज सपहा, निवासी कुरूध जिला धमतरी (छत्तीसगढ़) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। हालांकि, मामले का मास्टरमाइंड अजय त्रिपाठी, निवासी चारामा जिला कांकेर (छत्तीसगढ़), तब से फरार चल रहा था।
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पुलिस को सूचना मिली कि अजय त्रिपाठी छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है और कई छत्तीसगढ़ी फिल्मों व एलबमों में काम कर चुका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए मप्र विधानसभा में आश्वासन प्रश्न भी उठाया गया था। आरोपी की लगातार तलाश के बाद कोतमा पुलिस को सुराग मिला कि वह उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में छिपा हुआ है। थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ला के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने साइबर सेल अनूपपुर की मदद से कई दिनों तक निगरानी रखी और आखिरकार 5 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार अजय त्रिपाठी पिता सुखनारायण त्रिपाठी (उम्र 35 वर्ष), निवासी ग्राम दाई का पुरवा थाना कौशाम्बी (उ.प्र.), हाल निवासी वार्ड क्रमांक 8 चारामा जिला कांकेर (छ.ग.) को कौशाम्बी से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अजय त्रिपाठी पहले भी ओडिशा के सोहेला थाना क्षेत्र (जिला बरगढ़) में एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में पदमपुर जेल में बंद रह चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड प्राप्त किया है ताकि उससे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचा जा सके। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ला के साथ उपनिरीक्षक विनय सिंह परिहार, संजीव त्रिपाठी, मनोज उपाध्याय, जितेंद्र मंडलोई तथा साइबर सेल से राजेन्द्र अहिरवार और पंकज मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस तस्करी गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।