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सपनों पर सियासत का वार: बांग्लादेश के विश्वकप बहिष्कार पर फूटा कोच का गुस्सा, आसिफ नजरुल को ठहराया जिम्मेदार
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:00 AM IST
सार
टी20 विश्वकप से बांग्लादेश के बहिष्कार पर सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने सियासी फैसले को खिलाड़ियों के टूटे सपनों की वजह बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से युवा क्रिकेटरों को गहरा मानसिक आघात पहुंचा और जिम्मेदार लोगों ने बयान बदलकर सच छिपाया।
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मोहम्मद सलाहुद्दीन और आसिफ नजरुल
- फोटो : BCB-ANI
बांग्लादेश क्रिकेट में इस वक्त सियासी भूचाल मचा हुआ है। टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत फैसलों और यू-टर्न ने खिलाड़ियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया।
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बांग्लादेश के पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल और बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम
- फोटो : Twitter
'27 साल का सपना एक सेकंड में खत्म'
टी20 विश्व कप में नहीं खेलने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सलाहुद्दीन ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का जीवनभर का सपना एक झटके में तोड़ दिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि दो खिलाड़ी तो मानसिक कोमा जैसी स्थिति में चले गए थे। उन्होंने कहा, 'जब कोई लड़का विश्व कप खेलने आता है, वह अपने 27 साल का सपना लेकर आता है। आप एक सेकंड में वह सपना तोड़ देते हैं। अगर यह देशहित का फैसला है तो खिलाड़ी कुर्बानी देंगे, लेकिन निजी नुकसान की बात तो करनी पड़ेगी।'
टी20 विश्व कप में नहीं खेलने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सलाहुद्दीन ने कहा कि युवा खिलाड़ियों का जीवनभर का सपना एक झटके में तोड़ दिया गया। उन्होंने खुलासा किया कि दो खिलाड़ी तो मानसिक कोमा जैसी स्थिति में चले गए थे। उन्होंने कहा, 'जब कोई लड़का विश्व कप खेलने आता है, वह अपने 27 साल का सपना लेकर आता है। आप एक सेकंड में वह सपना तोड़ देते हैं। अगर यह देशहित का फैसला है तो खिलाड़ी कुर्बानी देंगे, लेकिन निजी नुकसान की बात तो करनी पड़ेगी।'
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बांग्लादेश टीम
- फोटो : ANI
'खुलेआम झूठ बोला गया'
मामला तब और गरमाया जब आसिफ नजरुल के बयानों में विरोधाभास सामने आया। पहले उन्होंने कहा था कि भारत में मैच नहीं खेलने का फैसला सरकार का है। बाद में उन्होंने दावा किया कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों के साथ मिलकर लिया गया था ताकि राष्ट्रीय गरिमा बची रहे। इस पर सलाहुद्दीन ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'उन्होंने खुलेआम झूठ बोला। मैं खुद शिक्षक हूं, शिक्षक आम तौर पर कम झूठ बोलते हैं। ढाका यूनिवर्सिटी जैसे शीर्ष संस्थान का व्यक्ति ऐसे बयान दे, यह हम स्वीकार नहीं कर सकते।'
मामला तब और गरमाया जब आसिफ नजरुल के बयानों में विरोधाभास सामने आया। पहले उन्होंने कहा था कि भारत में मैच नहीं खेलने का फैसला सरकार का है। बाद में उन्होंने दावा किया कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों के साथ मिलकर लिया गया था ताकि राष्ट्रीय गरिमा बची रहे। इस पर सलाहुद्दीन ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'उन्होंने खुलेआम झूठ बोला। मैं खुद शिक्षक हूं, शिक्षक आम तौर पर कम झूठ बोलते हैं। ढाका यूनिवर्सिटी जैसे शीर्ष संस्थान का व्यक्ति ऐसे बयान दे, यह हम स्वीकार नहीं कर सकते।'
बांग्लादेश की टीम
- फोटो : ANI
बांग्लादेश ने क्यों हुआ टी20 विश्व कप से बाहर?
- बांग्लादेश विवाद की शुरुआत मुस्तफिजुर रहमान से हुई।
- नीलामी में जैसे ही केकेआर ने मुस्तफिजुर को खरीदा उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने केकेआर, विशेषकर फ्रेंचाइजी के मालिक शाहरुख खान को घेरना शुरू कर दिया गया था।
- मामला बढ़ने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सामने आना पड़ा था।
- बीसीसीआई ने तीन जनवरी 2026 को केकेआर को निर्देश दिया कि वह मुस्तफिजुर को टीम से बाहर करे जिसके बाद फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक रूप से मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया।
- इस कार्रवाई से बौखलाए बांग्लादेश ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया।
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से अनुरोध किया कि उनके टी20 विश्व कप 2026 के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका में कराए जाएं।
- शुरुआती कार्यक्रम के मुताबिक, बांग्लादेश को ग्रुप स्टेज में कोलकाता में तीन और मुंबई में एक मुकाबला खेलना था।
- हालांकि, आईसीसी ने इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि भारत में किसी को कोई खतरा नहीं है।
- साथ ही आईसीसी ने बांग्लादेश को पहले 21 जनवरी तक का और फिर 21 जनवरी को और 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
- हालांकि, बांग्लादेश अपने फैसले पर अड़ा रहा, जिसके बाद आईसीसी ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।