सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Showdown Over Panchna Dam Water: Farmers Protest, Kirori Issues Warning to State Government

Rajasthan News: पांचना के पानी पर आर-पार; पटरी पर किसान, किरोड़ी ने अपनी सरकार को दी चेतावनी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 17 Jun 2026 04:52 PM IST
विज्ञापन
सार
LinksIndexing - Best SEO Indexing Tool

पांचना बांध के पानी को लेकर विवाद फिर गरमा गया है। किसान रेल ट्रैक पर आंदोलन कर रहे हैं, जबकि कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है।
 

Showdown Over Panchna Dam Water: Farmers Protest, Kirori Issues Warning to State Government
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा एक बार फिर से अपनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आ रहे हैं। पांचना बांध से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किरोड़ी ने सीएम भजनलाल शर्मा को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने  हाईकोर्ट के आदेशों हवाला देते हुए पांचना बांध से नहरों में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो उन्हें "मजबूरन कुछ कदम उठाने पड़ सकते हैं।"


गौरतलब है कि कमांड एरिया के 35 गावों के लोग अपनी मांग को लेकर 13 दिन से गंगापुर सिटी इलाके के खंडीप गांव में महापड़ाव डाले हुए बैठे हैं। 5 जून से अपनी अपनी मांगों को मनवाने के लिए महापड़ाव डाले बैठे ये किसान सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार तीन दिन तक रेलवे ट्रैक भी जाम कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. मीणा ने पत्र में कहा कि सवाई माधोपुर के खंडीप गांव में कमांड एरिया के किसान लंबे समय से धरना दे रहे हैं और लगातार उनसे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को कैचमेंट एरिया और कमांड एरिया के लोगों से तत्काल बातचीत कर विवाद का समाधान निकालना चाहिए, ताकि नहरों में पानी छोड़ा जा सके।

विज्ञापन

20 साल से पानी का इंतजार

कृषि मंत्री ने दावा किया कि पांचना बांध परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद वर्ष 2006 से कमांड एरिया के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। इससे 35 गांवों की करीब 40 हजार बीघा भूमि प्रभावित हुई है और 1.25 लाख लोगों के सामने सिंचाई व पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि पानी नहीं मिलने से किसानों को हर साल करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। पिछले दो दशकों में यह नुकसान 4000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इससे क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी है और पलायन की स्थिति पैदा हुई है।

हाईकोर्ट के आदेशों का भी नहीं हुआ पालन

किरोड़ी ने पत्र में उल्लेख किया कि राजस्थान हाईकोर्ट कई बार पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के आदेश दे चुका है। इसके बावजूद आदेशों की पालना नहीं हुई। हाल ही में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने तत्काल पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे और अधिकारियों को तलब करने की चेतावनी दी थी।

क्या है पांचना बांध विवाद

राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध का जल विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब 20 वर्षों से लंबित यह मामला हाल ही में हाईकोर्ट के नहरों में तीन सप्ताह के भीतर पानी छोड़ने के आदेश के बाद फिर चर्चा का विषय बन गया है। पांचना परियोजना के कमांड एरिया में करौली और सवाई माधोपुर जिले के 35 गांव शामिल हैं, जहां के किसान सिंचाई के लिए बांध से नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, बांध के आसपास बसे 39 गांवों के लोग पहले अपने क्षेत्र की जल जरूरतें पूरी करने की मांग पर अड़े हुए हैं। समय के साथ यह विवाद सिर्फ पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय और सामाजिक वर्चस्व की लड़ाई का भी रूप ले चुका है, जिससे समाधान की राह और जटिल हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed