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Bijnor News: भगवान शिव के 11 रुद्र अवतारों, 12 ज्योतिर्लिंगों की कथा सुनाई
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धामपुर। श्री राम मंदिर पीठाधीश्वर महंत राधेश्याम व्यास महाराज ने रविवार को शिवमहापुराण कथा के सातवें दिन भगवान शिव के 11 रुद्र अवतार और 12 ज्योतिर्लिंगों की कथा सुनाई।
नौ फरवरी से चल रही कथा का रविवार को विश्राम किया गया। सोमवार को आश्रम में भंडारे का आयोजन होगा। सनातन उत्थान सेवा संघ की ओर से श्रीराम मंदिर आश्रम सत्संग भवन में चल रही कथा में कथाव्यास ने कहा कि शिवपुराण के अनुसार जब असुरों ने देवताओं को हराकर स्वर्ग पर कब्ज़ा कर लिया, तब महर्षि कश्यप की पत्नी सुरभि के गर्भ से भगवान शिव ने देवताओं की मदद के लिए 11 रुद्र अवतारों के रूप में जन्म लिया। कपाली, पिंगल, भीम, विरुपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद, आपिर्बुध्य, शम्भू, चण्ड, और भव, ये 11 रुद्र माने जाते हैं। जो शिव के ही तेज से बने हैं। भारत में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के स्वयंभू (स्वयं प्रकट) प्रकाश स्तंभ हैं। जो देश के विभिन्न कोनों में पवित्र ऊर्जा के केंद्र माने जाते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु के बीच श्रेष्ठता के विवाद को सुलझाने के लिए शिव ने अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट होकर इन स्थानों को पवित्र किया था। चंद्रमा ने दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति के लिए यहां शिव की तपस्या की थी। जिससे शिव ने उन्हें पुनः प्रकाशित किया। मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) में शिव-पार्वती ने अपने पुत्र गणेश-कार्तिकेय को मनाने के लिए यहां निवास किया था। यह शक्तिपीठ भी है।
उन्होंने अन्य ज्योतिर्लिंगों की भी कथा सुनाई। ज्योतिषार्चों, विद्वानों ने आठों प्रहर 24 घंटे रुद्राभिषेक कराया। राजेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री, पंकज कुमार, अनभिनंदन कुमार, शशिकांत वशिष्ठ, पंडित रमेश शंकर तिवारी, राकेश मिश्रा, कलावती, सुमित अवस्थी, जगन्नाथ, शिव ओम अग्रवाल, महावीर सिंह आदि मौजूद रहे। समापन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।
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उन्होंने अन्य ज्योतिर्लिंगों की भी कथा सुनाई। ज्योतिषार्चों, विद्वानों ने आठों प्रहर 24 घंटे रुद्राभिषेक कराया। राजेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री, पंकज कुमार, अनभिनंदन कुमार, शशिकांत वशिष्ठ, पंडित रमेश शंकर तिवारी, राकेश मिश्रा, कलावती, सुमित अवस्थी, जगन्नाथ, शिव ओम अग्रवाल, महावीर सिंह आदि मौजूद रहे। समापन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया।