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नेपाल: सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में देउबा गुट, चुनाव आयोग के फैसले पर नाराजगी
अतुल मिश्र, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: लव गौर
Updated Sun, 18 Jan 2026 04:08 AM IST
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नेपाल में चुनाव के बीच देश की राजनीति में भारी उथल-पुथल जारी है। नेपाल की सबसे पुरानी सक्रिय पार्टी नेपाली कांग्रेस को लेकर चुनाव आयोग ने गगन थापा की अगुआई वाली समिति को आधिकारिक पार्टी के रूप में मान्यता दे दी है, जिसके बाद शेर बहादुर देउबा गुट ने आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर ली।
शेरबहादुर देउबा
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
नेपाली कांग्रेस का शेरबहादुर देउबा गुट पार्टी की आधिकारिकता से जुड़े निर्वाचन आयोग के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। देउबा गुट ने आयोग के फैसले को पार्टी विधान और संविधान के खिलाफ बताते हुए उसके विरुद्ध कानूनी, सांविधानिक और राजनीतिक स्तर पर कदम उठाने का फैसला किया है।
कांग्रेस पार्टी कार्यालय सानेपा में पूर्व सभापति शेर बहादुर देउबा पक्ष की नेता सहभागी बैठक के बाद यह एलान किया गया। बैठक में पूर्व सभापति शेरबहादुर देउबा पक्ष के नेता शामिल हुए। पूर्व उपसभापति पूर्णबहादुर खड्का के आह्वान पर हुई इस बैठक में शेखर कोइराला और उनके पक्ष के नेताओं की भी उपस्थिति रही।
बैठक में रमेश लेखक, कृष्ण सिटौला, बालकृष्ण खाण, ज्ञानेन्द्र बहादुर कार्की सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। बैठक के बाद पूर्व प्रवक्ता प्रकाश शरण महत ने बताया कि निर्वाचन आयोग का फैसला पार्टी विधान और सांविधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर कानूनी उपचार खोजने और राजनीतिक रूप से भी प्रतिवाद करने का निर्णय किया गया है।
ये भी पढ़ें: Nepal: नेपाल में चुनाव से पहले फिर राजा की वापसी की मांग क्यों? चुनाव से पहले सड़कों पर उतरे राजशाही समर्थक
निर्वाचन आयोग का निर्णय नेपाली संविधान के विपरीत: मुख्य सचिव
देउबा गुट का आरोप है कि आयोग ने पूर्व में स्थापित नजीरों, देउबा के नेतृत्व में लिए गए पार्टी निर्णयों से संबंधित पत्राचार और प्रस्तुत प्रमाणों को नजरअंदाज करते हुए एक तरफा निर्णय किया। कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के मुख्य सचिव कृष्णप्रसाद पौडेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि निर्वाचन आयोग का निर्णय न सिर्फ नेपाली संविधान और प्रचलित कानून के विपरीत है, बल्कि आयोग के पिछले फैसलों के विरुद्ध भी है।
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कांग्रेस पार्टी कार्यालय सानेपा में पूर्व सभापति शेर बहादुर देउबा पक्ष की नेता सहभागी बैठक के बाद यह एलान किया गया। बैठक में पूर्व सभापति शेरबहादुर देउबा पक्ष के नेता शामिल हुए। पूर्व उपसभापति पूर्णबहादुर खड्का के आह्वान पर हुई इस बैठक में शेखर कोइराला और उनके पक्ष के नेताओं की भी उपस्थिति रही।
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बैठक में रमेश लेखक, कृष्ण सिटौला, बालकृष्ण खाण, ज्ञानेन्द्र बहादुर कार्की सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। बैठक के बाद पूर्व प्रवक्ता प्रकाश शरण महत ने बताया कि निर्वाचन आयोग का फैसला पार्टी विधान और सांविधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर कानूनी उपचार खोजने और राजनीतिक रूप से भी प्रतिवाद करने का निर्णय किया गया है।
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देउबा गुट का आरोप है कि आयोग ने पूर्व में स्थापित नजीरों, देउबा के नेतृत्व में लिए गए पार्टी निर्णयों से संबंधित पत्राचार और प्रस्तुत प्रमाणों को नजरअंदाज करते हुए एक तरफा निर्णय किया। कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के मुख्य सचिव कृष्णप्रसाद पौडेल की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि निर्वाचन आयोग का निर्णय न सिर्फ नेपाली संविधान और प्रचलित कानून के विपरीत है, बल्कि आयोग के पिछले फैसलों के विरुद्ध भी है।
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