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Kangra News: पूर्व सैनिकों ने दिया एकता और राष्ट्रनिर्माण का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:37 AM IST
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ज्वालामुखी (कांगड़ा)। भारतीय सेना की आर्मी एजुकेशन कोर (एआईसी) के पूर्व सैनिकों का दो दिवसीय छठा राष्ट्रीय सम्मेलन ज्वालामुखी में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सरोकारों के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से जुटे एईसी वेटरन्स ने इस मंच से एकता का संदेश देते हुए यह स्पष्ट किया कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका समर्पण समाज और राष्ट्र के प्रति अडिग है।
सम्मेलन के समापन सत्र में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के नैतिक उत्थान को लेकर सामूहिक शपथ ली गई। समापन सत्र के दौरान वक्ताओं ने एईसी के मूल मंत्र सैनिक भी हम, शिक्षक भी हम को दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं बल्कि उनकी विशिष्ट पहचान है। पूर्व सैनिकों ने साझा किया कि कैसे उन्होंने सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा कोर के माध्यम से भारतीय सेना के जवानों के बौद्धिक और नेतृत्व कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस दौरान पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कई वेटरन्स भावुक भी नजर आए। अनुशासन और भाईचारे की भावना को याद कर सभी ने संगठन की गौरवशाली परंपरा पर गर्व व्यक्त किया। दो दिवसीय मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
सूबेदार मेजर अरुण कुमार सिंह और कैप्टन उमेश कुमार सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और युवाओं में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए कार्य करेंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अभियानों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान और समाज के प्रति सेवा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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सम्मेलन के समापन सत्र में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के नैतिक उत्थान को लेकर सामूहिक शपथ ली गई। समापन सत्र के दौरान वक्ताओं ने एईसी के मूल मंत्र सैनिक भी हम, शिक्षक भी हम को दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं बल्कि उनकी विशिष्ट पहचान है। पूर्व सैनिकों ने साझा किया कि कैसे उन्होंने सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा कोर के माध्यम से भारतीय सेना के जवानों के बौद्धिक और नेतृत्व कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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इस दौरान पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कई वेटरन्स भावुक भी नजर आए। अनुशासन और भाईचारे की भावना को याद कर सभी ने संगठन की गौरवशाली परंपरा पर गर्व व्यक्त किया। दो दिवसीय मंथन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
सूबेदार मेजर अरुण कुमार सिंह और कैप्टन उमेश कुमार सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और युवाओं में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए कार्य करेंगे। साथ ही पर्यावरण संरक्षण अभियानों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान और समाज के प्रति सेवा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।